Sunday, 10 June 2012

शुष्क आखें अब नहींरहेंगी शुष्क

क्या पिछले कुछ समय से आप अपनी आखों में खुजली या जलन महसूस कर रहे हैं या फिर आपकी आखें कीचड़ से भर जाया करती हैं? इन लक्षणों को हल्केपन में मत लीजिए। आप शुष्क आखों (ड्राई आईज) की परेशानी से पीड़ित हो सकते हैं। शुष्क आखों का रोग गठिया, रजोनिवृ8ि के बाद का दौर और शरीर में विटामिन्स की कमी की वजह से होने वाली आम परेशानी है।

बढ़ते प्रदूषण का कुप्रभाव

बहरहाल, बढ़ते हुए प्रदूषण और कंप्यूटर पर लबे समय तक काम करने की वजह से शुष्क आखों की परेशानी बढ़ने लगी है। प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों की वजह से आसू पैदा करने वाली ग्रंथियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। आसू आखों को तरल रखते हैं। ये बैक्टीरिया से मुकाबला करने वाले तत्वों का मिश्रण होते हैं। वातावरण का प्रदूषण आसुओं या अश्रु ग्रंथियों की कोमल पर्त को नुकसान पहुंचाता है। इसके परिणामस्वरूप वे बहुत असतुलित हो जाती हैं।

नया इलाज

शुष्क आखों का लक्षण एक बहुत ही व्यापक समस्या है, जिससे छुटकारा दिलाने के लिए कुछ नए और आशाजनक विकल्प भी मौजूद हैं। जैसे साइक्लोस्पोरिन नामक तत्व से निर्मित आई ड्रॉप्स अब उपलब्ध हैं, जो लगभग 40 से 50 प्रतिशत मामलों में असरकारी साबित होती हैं। दूसरा विकल्प है पक्टल प्लग। यह एक छोटा सा प्लग होता है, जो आसुओं की नलिका को बद कर देता है। यह मुलायम सिलिकॉन का बना होता है और इसे आसानी से प्रत्यारोपित किया जा सकता है। यह एक ओपीडी प्रक्रिया है। आसू नलिका को बद करने से आसुओं को सचित करने में सहायता मिलती है जो स्वाभाविक रूप से बनते हैं।
इसके बाद भी शुष्क आखों की शिकायत से पीड़ित लोगों को अपने दैनिक जीवन में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए
- हवा के सीधे प्रवाह से बचें। जैसे हेयर ड्रायर्स, एसी ब्लोअर्स या पखों की सीधी हवा आखों तक न आने दें।
- पलकें झपकाना याद रखें। कंप्यूटर पर काम करते वक्त जान-बूझकर पलकें झपकाएं।
डॉ. महिपाल सचदेव
वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ, नई दि

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